Deputy CM Ajit power: अजीत पावर की एंट्री से महाराष्ट्र में शिंदे के विधायकों में बढ़ रही है बेचैन

Deputy CM Ajit power: अजीत पावर की एंट्री से महाराष्ट्र में शिंदे के विधायकों में बढ़ रही है बेचैन

Ajit power; महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सभी Ajit power विधायकों में खलबली मच गई है। जिसकी वजह से अजीत पावर की एंट्री जैसे, ही हुई तो सभी विधायकों में बेचैनी की लहर दिखने लगी एनसीपी का बड़ा बूट अजीत पावर के नेतृत्व में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए हैं। जिससे बड़ी भूमिका गठबंधन में शामिल भारतीय जनता पार्टी की रही है इसकी वजह से एकनाथ सिलने मुख्यमंत्री हैं सरकार के मुखिया हैं लेकिन उन्हें गुट के विधायक उन्हें ही नाराज हैं।

इस नाराजगी में शिवसेना के विधायक दावा कर कर 17 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले शिंदे मंत्रिमंडल का विस्तार होगा जिसमें मुख्य मंत्री शिंदे बैठक की शुरुआत करेंगे।

इस बात पर बड़ी चर्चा हो रही है, कि पहले एकनाथ शिंदे का साथ देने के लिए इन सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया था जबकि भाजपाई कार्यकर्ता थे अब शिवसेना के कार्यकर्ताओं को देखते हुए फिर से एक बार दोहराया जा रहा है कि एकनाथ शिंदे के साथ क्या किया जाए।

जब कई वरिष्ठ विधायकों को मंत्री पद का त्यागपत्र देने का वादा किया गया है लेकिन इस साल बीतने के बाद भी इन लोगों को मंत्री पद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर अजित पावर बीते 2 जुलाई को अपनी 9 विधायकों के साथ मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है। कि आने वाली 17 जुलाई से पहले शिंदे मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हुआ तो स्थिति बहुत खराब हो जाएगी।

बीबीसी मराठी से बात करते हुए भारत गोगो बाल सीधे तेजी से चेतावनी दे रहे हैं। कि जय महाराष्ट्र करेंगे वास्तव में इसका संधि क्या है अजीत पावर के सरकार में शामिल होने के बाद शिंदे ग्रुप का महत्व कम होने जा रहा है इसी सवाल का जवाब तलाश में निकले हैं। सभी मंत्र

अजीत पावर के गठबंधन आने की वजह बताया जाए रही है। कि विभागीय एनसीपी की तरफ से अधिक पावर ग्रुप के सभी विधायकों के साथ मिलकर काम कर रही है।

जिसकी वजह से Ajit power एकनाथ शिंदे के गुड विधायकों की नाराजगी बढ़ती हुई नजर आएगी

अजीत पावर ने विधानसभा की 288 सीटों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार से अधिकतम 43 सदस्यों का मंत्रिमंडल के होते हुए फिलहाल बीजेपी के पास 10 और सिंधी के शिवसेना के पास 10 मंत्री पद रह गई है।

जबकि अजीत पावर कि एनसीपी के पास 9 मंत्री पद है। इसके अलावा सिर्फ 14 मंत्री बचे हैं। इसमें भविष्य की राजनीति को देखते हुए संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता बीजेपी के कुछ मंत्री पद अभी भी खाली हैं।

जिसमें 10 से 12 मंत्री पर बीजेपी तथा शिवसेना के बाकी सभी मंत्री पद मिल सकते हैं

वहीं उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी गृह वित्त और योजना कानून के न्याय जल संसाधन आवास ऊर्जा आदि विभागों का पद उन्हें सौंपा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री होने के कारण एकनाथ शिंदे के साथ खड़े हुए देवेंद्र फर्नांडीज

Leave a Comment

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now